आयकर धारा 234B और 234C के तहत ब्याज का जुर्माना क्या है? और यह क्यों आता हैं?

आयकर धारा 234B और 234C के तहत ब्याज का जुर्माना क्या है? और यह क्यों आता हैं:- आयकर विभाग चाहता है, कि आप अपने कर के बोझ को कम करने के लिए 4 किश्तों में अपने टैक्स का भुगतान एडवांस टैक्स के रूप में करें। इन किश्तो को निर्धारित की गयी देय तिथि पर या उससे पहले भुगतान किया जाना चाहिए। यदि आप ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो आयकर विभाग धारा 234C के तहत आप पर ब्याज का दंड लगा सकता है |

अग्रिम कर भुगतान निम्नलिखित तिथियों के अनुसार किया जाना चाहिए:-

देय तिथि सभी करदाताओं के लिए (कॉर्पोरेट, गैर-कॉर्पोरेट और व्यक्तियों सहित)
15th जून 15% of Assessed Tax. (मूल्यांकन कर)
15th सितंबर 45% of Assessed Tax. (मूल्यांकन कर)
15th डिसेंबर 75% of Assessed Tax. (मूल्यांकन कर)
15th मार्च 100% of Assessed Tax. (मूल्यांकन कर)

कोई भी करदाता जो धारा 44AD के तहत कारोबार के आय के कंप्यूटिंग व्यवसाय की योजना को 8% के अनुमानित आधार पर चुनता है, ऐसे करदाता को किश्तों में अग्रिम कर का भुगतान करने का कोई दायित्व नहीं है। हालांकि, उसे वित्तीय वर्ष के 15 मार्च को या उससे पहले 100% अग्रिम कर का भुगतान करना होगा |

आप आयकर धारा 234C के तहत ब्याज की गणना कैसे करें?

आयकर धारा 234C के तहत ब्याज लगाया जाता है, क्यों की अगर किसी भी किश्त में अग्रिम कर भुगतान की राशी आवश्यक राशि से कम है। दूसरे शब्दों में कहा जाय तो अग्रिम कर के विभिन्न किश्तो के विलंब के मामले में धारा 234C के तहत ब्याज निम्नलिखित मामलों में लगाया जाता है|

अ- अनुमानित कर योजना (धारा 44AD) के तहत करदाताओं के लिए:-

  1. यदि 15 मार्च को या उससे पहले अग्रिम कर चुकाया गया अग्रिम कर देय 100% से कम है, तो ऐसी स्थती में  ब्याज लागू होगा ।

ब- किसी अन्य करदाता के लिए ब्याज लागू होगा यदि:

  1.  यदि 15 जून को या उससे पहले अग्रिम कर का भुगतान किया गया है, और वह कर मूल्यांकन कर के 12% से कम है,तो|
  2. यदि 15 सितंबर को या उससे पहले अग्रिम कर का भुगतान किया गया है, और वह कर मूल्यांकन कर के 36% से कम है,तो|
  3. यदि 15 दिसंबर को या उससे पहले अग्रिम कर का भुगतान किया गया है, और वह कर मूल्यांकन कर के 75% से कम है,तो|
  4. यदि 15 मार्च को या उससे पहले अग्रिम कर का भुगतान किया गया है, और वह कर मूल्यांकन कर के 100% से कम है,तो|

Example: यदि कर लाभ के भुगतान में कमी पूंजीगत लाभ या लॉटरी से जीतने आदि के कारण होती है,  तो ऐसी स्थिती में करदाता पर किसी भी प्रकार का कोई ब्याज नहीं लगाया जाता है।

आयकर धारा 234C के तहत दंड की गणना के लिए महत्वपूर्ण अंक :-

  1. * बकाया कर राशि पर ब्याज @ 1% चार्ज किया जाता है।
  2. * इसमें सरल ब्याज लगाया जाता है। [ The nature of interest is simple interest]
  3. * ब्याज की गणना के लिए महीने के किसी भी अंश को पूर्ण महीने के रूप में माना जाएगा।
  4. * ब्याज की गणना करते समय, करों की राशि 100 के निकटतम बहुमत तक बंद हो जाएगी और 100 के किसी भी अंश को अनदेखा कर दिया जाएगा।

Example: अंतिम किश्त के भुगतान में कम गिरावट के मामले में 1, 2 और 3 किश्त के भुगतान में और 1 महीने के लिए भुगतान में कमी के मामले में, धारा 234 सी के तहत ब्याज 3 महीने की अवधि के लिए लगाया जाता है |

उदाहरण के साथ 234C के तहत ब्याज की गणना कैसे की जाती है, यह समझ लिजीए :-

श्री. अनिलकुमार आर यादव का कुल कर रु. 85,000 है, और उन्होंने  15 जून से पहले रु. 10,000 और अगले तीन तिमाहियों में प्रत्येक रु. 17,000 यानी कुल मिलाकर (17,000*3) रु. 51,000 का भुगतान उन्होंने हर किस्त में किया तो 31 मार्च तक उन्होंने कुल रु. 61,000 का भुगतान किया | शेष रकम रु. 24,000 को आयकर रिटर्न दाखिल करते समय अगले वर्ष के 10 जुलाई को भुगतान किया गया था।

प्रत्येक किश्त में कमी के कारण, उन्हें यानी श्री. अनिलकुमार आर यादव जी को धारा 234C के तहत ब्याज का भी भुगतान करना था। उनके मामले में ब्याज की गणना निम्नानुसार की जाती है, ध्यान पूर्वक समझ लीजिये |

Interest Payable u/s. 234C

Due by अग्रिम कर की देय राशि अग्रिम कर भुगतान की राशि

(आज तक)

त्रैमासिक कमी Default in Months देय ब्याज

@ 1% प्रति माह

15th जून 12,750

( 85000 का 15% )

10,000 2,750 3 83

(2750 का 3%)

15th सितंबर 38,250

( 85000 का 45% )

27,000 11,250  

3

 

338

(11250 का 3%)

15th डिसेंबर 63,750

( 85000 का 75% )

44,000 19,750  

3

 

593

(19750 का 3%)

15th मार्च 85,000

( 85000 का 100% )

61,000 24,000  

1

 

240

(24000 का 1%)

TOTAL 1,254

वह आयकर की धारा 234B के तहत भी ब्याज का भुगतान करने के लिए ज़िम्मेदार है,क्योंकि वह 15 मार्च तक मूल्यांकन कर का 90% भुगतान करने में विफल रहे थे,तो इस ब्याज की गणना इस प्रकार की जाती है,समझ लीजिये |

Interest Payable u/s. 234B

Due by अग्रिम कर की देय राशि अग्रिम कर भुगतान की राशि

(आज तक)

त्रैमासिक कमी Default in Months देय ब्याज

@ 1% प्रति माह

31st मार्च 85,000

( 85000 का 100% )

61,000 24,000 4 960

(24000 का 4%)

इसलिए श्री. अनिलकुमार आर यादव की कुल ब्याज देय आयकर धारा द्वारा 234B और 234C के तहत रुपये 2,214/- (1254 + 960)  होंगी। इसलिए इन प्रकार की Penalty से बचने के लिए हमेशा समय पर या समय से पहले ही अपने कर का भुगतान सही-सही करे|

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