अगर आप एक करदाता है,और आप किराये के मकान में रहते हैं,तो आप यह आर्टिकल जरूर पढे |

अगर आप एक करदाता है,और आप किराये के मकान में रहते हैं,तो आप यह आर्टिकल जरूर पढे:- एक नौकरी पेशा व्यक्ती की पगार की गणना जब आयकर के लिये की जाती है,तो उसमे Basic Pay + DA + HRA व अन्य भत्तो  का समावेश होता है,और उसे आयकर की भाषा में Gross Income कहते हैं,कुछ करदाताओ की ऐसा भ्रम है की वेतन में मिला हुआ घर भाडा आयकर मुक्त है और वह आयकर की गणना करते समय उसका समावेश नही करते है परंतु यह उनकी बिल्कुल गलत सोच है,क्यों की Salary में मिला हुआ घरभाडा पुरी तरह से करपात्र है,एक बात और अगर आप किराये के मकान में रहते है,तो इस स्थिती में भी मकान मालिक को भुगतान किया गया घरभाडा पुरा का पुरा कर माफ नही समझा जायेगा ,आयकर की गणना करते समय दिये जाने वाले घरभाडे में से कितना घरभाडा कर पात्र है,और कितना माफ है, इसका उल्लेख Income Tax  Act-1961 कलम 10[13A] और आयकर नियम 2A में निश्चित किया गया है,तो दिये गये घरभाडे की गणना कैसे करेंगे ……………तो आईये सिखते है l 

 
1] आपको अपने वेतन से प्राप्त घरभाडा-HRA.
2] पगार से 10% से अधिक दिया गया घरभाडा.
3] मुंबई,दिल्ली,कलकत्ता और चेन्नई अगर इन शहरो में नौकरी है,तो प्राप्त पगार का 50% और इसके अलावा अन्य शहर में नौकरी है,तो प्राप्त पगार का 40%  इतनी राशी.

उपर उल्लेख किये गये तीनो में से जिसकी रक्कम सबसे कम होगी उतनी ही रक्कम घरभाडा भत्ता के लिये कर माफ होगी और बचा हुआ घरभाडा करपात्र के योग्य समझा जायेगा-

 

उदाहरण के तौर पर :- 

 

* वार्षिक बेसिक पगार –                                             रु. 4,00,000

* वार्षिक महगाई भत्ता  –                                            रु. 2,50,000
* वार्षिक घरभाडा        –                                            रु.    60,000

* मकान मालिक को भुगतान किया गया घरभाडा-        रु.  90,000


इसलिये:-

1-  क्र-1 के अनुसार  पगार से मिला हुआ घरभाडा   रु.60,000.

2- क्र-2 के अनुसार मकान मालिक को भुगतान किया गया घरभाडा रु.90,000 और वार्षिक पगार [ बेसिक पगार+महगाई भत्ता मतलब 4,00,000+2,50,000]  रु. 6,50,000 का 10%  यांनी रु.65,000 तो इन दोनो के बीच का फरक 90,000-65,000=25,000.

3- क्र-3 जिल्हा नाशिक में होने से पगार रु.6,50,000 का 40% यांनी रु.2,60,000

क्रमांक 1 के अनुसार आयी हुई राशी रु. 60,000
क्रमांक 2 के अनुसार आयी हुई राशी रु. 25,000
और क्रमांक 3 के अनुसार आयी हुई राशी रु. 2,60,000

To download the Mobile App from this website, download it by clicking on the download button below and install it on your mobile.

उपरोक्त गणना करने पर क्रमांक-2 की राशी सबसे कम रु.25,000 है, इसलिये पगार से मिले घरभाडे की राशी रु.60,000 में से रु.25,000  कर माफ होगा और बकाया राशी रु.35,000 करपात्र माना जायेगा.

और आयकर अधिनियम 1961 कलम 10[13A] के तहत नौकर अगर अपने स्वयं के घर में रहता है अथवा दुसरे के घर में रहकर घरभाडा अदा नही करता है,तो वह उपर उल्लेख किसी भी प्रकार के छुट का हकदार नही होगा और Salary से प्राप्त हुआ घरभाडा पुरी तरह से कर पात्र माना जायेगा l


यह तो हो गया आपको समझाने के लिये अगर आप इन सभी माथा पच्ची  से बचना चाहते है,तो नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करके House Rent Calculator डाऊनलोड कर लीजिये और उसका इस्तेमाल कैसे करते है वह इस व्हिडिओ में समझाया गया है l


Watch This Video


About canihelpyouonline 162 Articles
www.canihelpyouonline.com Through this website we will give you information on Income Tax,Youtube,Mobile,Software,Computer,Tax Deduction at Source and Aliate Marketing and all new technology in Hindi.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*